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Class 9 History Chapter 2 NCERT Notes & Question Answer – यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति (Socialism in Europe and The Russian Revolution)

Ch.02 : यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति (Socialism in Europe and The Russian Revolution) सामाजिक परिवर्तन का युग (The Age of Social Change): यह दौर गहन सामाजिक और आर्थिक बदलावों का था। औद्योगिक क्रांति के दुष्परिणाम जैसे; काम की लंबी अवधि, कम मजदूरी, बेरोजगारी, आवास की कमी, साफ सफाई की व्यवस्था ने लोगों को इस पर सोचने को विवश कर दिया। फ्रांसीसी क्रांति ने समाज में परिवर्तन की संभावनाओं के द्वार खोल दिए। इन्हीं संभावनाओं को मूर्त रूप देने में तीन अलग अलग विचारधाराओं का विकास हुआ — उदारवादी (Liberals) परिवर्तनवादी (Radicals) रूढ़िवादी (Conservatives) उदारवादी (Liberals): उदारवादी एक विचारधारा है, जिसमें सभी धर्मों को बराबर का सम्मान और जगह मिले। वे व्यक्ति मात्र के अधिकारों की रक्षा के पक्षधर थे। उदारवादियों के मुख्य विचार – अनियंत्रित सत्ता के विरोधी। सभी धर्मों का आदर एवं सम्मान। व्यक्ति मात्र के अधिकारों की रक्षा के पक्षधर। प्रतिनिधित्व पर आधारित निर्वाचित सरकार के पक्ष में। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के स्थान पर संपत्तिधारकों को वोट के अधिकार के पक्ष में। परिवर्तनवादी (Radicals): ऐ...

Class 9 Political Science Chapter 5 NCERT Notes & Question Answer – लोकतांत्रिक अधिकार (Democratic Rights)

Ch.05 – लोकतांत्रिक अधिकार (Democratic Rights) अधिकार का अर्थ (Meaning of Rights) : अधिकार लोगों के तार्किक दावे हैं, इन्हें समाज से स्वीकृति और अदालतों द्वारा मान्यता मिली होती है। लोकतंत्र की स्थापना के लिए अधिकारों का होना जरूरी है। लोकतन्त्र में अधिकारों (लोकतांत्रिक अधिकार) की क्या जरूरत है? (Why do we need rights in democracy?) इसमें हर नागरिक को वोट देने और चुनाव लड़कर प्रतिनिधि चुने जाने का अधिकार है। लोकतान्त्रिक चुनाव में लोग अपने विचार को व्यक्त करते हैं, राजनैतिक पार्टी बनाने और इनकी गतिविधियों की आजादी भी है। अधिकार बहुसंख्यकों के दमन से अल्पसंख्यकों की रक्षा करती है। अधिकार स्थितियों के बिगड़ने पर एक तरह की गारंटी जैसा है। सरकार भी कभी-कभी तानाशाही करने लगती है। इससे बचाने के लिए संविधान बनाया गया है जिसका सरकार भी उल्लंघन नहीं कर सकती। भारतीय संविधान में अधिकार (India's Constitutional Rights) : कुछ अधिकार जो हमारे जीवन के लिए मौलिक हैं, उन्हें भारतीय संविधान में एक विशेष दर्जा दिया गया है। उन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है। ये बुनियादी मानवाधिकार हैं, जो लोकतंत्र में प...