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भारत में राष्ट्रवाद – Class 10 NCERT History Chapter 2 Notes & Question Answer

Chapter 02 : भारत में राष्ट्रवाद (Nationalism in India) राष्ट्रवाद का अर्थ: अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना, एकता की भावना तथा एक समान चेतना राष्ट्रवाद कहलाती है। इसमें लोग समान ऐतिहासिक, राजनीतिक तथा सांस्कृतिक विरासत साझा करते है। कई बार लोग विभिन्न भाषाई समूह के हो सकते हैं (जैसे भारत) लेकिन राष्ट्र के प्रति प्रेम उन्हें एक सूत्र में बांधे रखता है। राष्ट्रवाद को जन्म देने वाले कारक: यूरोप में राष्ट्रवाद राष्ट्र राज्यों के उदय से जुड़ा हुआ है। भारत, वियतनाम जैसे उपनिवेशों में राष्ट्रवाद उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन से जुड़ा है। Question – “भारत में आधुनिक राष्ट्रवाद के उदय की परिघटना उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन के साथ गहरे तौर जुड़ी हुई थी।” इस कथन का विश्लेषण कीजिए। (2024) Question – भारत में 'आधुनिक राष्ट्रवाद' के उदय में उपनिवेश-विरोधी आंदोलन की भूमिका की व्याख्या कीजिए। (2025) Answer – (i) उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष की प्रक्रिया में लोगों को अपनी एकता का एहसास होने लगा। (ii) उपनिवेशवाद के तहत उत्पीड़ित होने की भावना ने विभिन्न समूहों को एक दूसरे से बाँध दिया था। (iii) मह...

संघवाद – Class 10 NCERT Civics Chapter 2 Notes & Question Answer

Chapter 02 – संघवाद (Federalism) संघवाद क्या है? संघवाद एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें दो स्तर की सरकारें होती हैं। केंद्र सरकार (जो पूरे देश के लिए कानून बनाती है)। राज्य सरकारें (जो अपने-अपने राज्य के लिए कानून बनाती हैं)। दोनों सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। संघीय शासन व्यवस्था की विशेषताएँ इसमें सत्ता बाँटी हुई होती है – केंद्र और राज्यों में। केंद्र सरकार देश के बड़े मुद्दों जैसे – रक्षा, विदेश नीति, संचार आदि पर काम करती है। राज्य सरकारें स्थानीय मामलों जैसे – पुलिस, कृषि, सिंचाई आदि पर काम करती हैं। संविधान में साफ-साफ लिखा गया है कि किस विषय पर किस स्तर की सरकार कानून बना सकती है। अदालतें यह तय करती हैं कि संविधान और सरकारों के अधिकारों का पालन हो रहा है या नहीं। मुख्य उद्देश्य – देश की एकता बनाए रखना और विविधताओं का सम्मान करना। एकात्मक और संघात्मक सरकारों में अंतर 1. एकात्मक शासन व्यवस्था (Unitary Government) इसमें केंद्र सरकार सबसे ज्यादा ताकतवर होती है। संविधान में बदलाव (संशोधन) करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को होता है। सारी शक्तियाँ एक ही ज...