Class 8 SST Chapter 3 ncert Solution - मराठा साम्राज्य का उदय
अध्याय 3 : मराठा साम्राज्य का उदय
प्रश्न 1: मराठा कौन थे?
उत्तर: मराठा दक्कन पठार, विशेषकर वर्तमान महाराष्ट्र के निवासी थे। वे मराठी भाषा बोलते थे। मराठों ने आगे चलकर एक शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित किया और भारत के इतिहास को नई दिशा दी।
प्रश्न 2: शिवाजी महाराज का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: शिवाजी महाराज का जन्म 1630 ई. में भोंसले कुल में शाहजी और जीजाबाई के घर हुआ था।
प्रश्न 3: शिवाजी के जीवन पर किसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा?
उत्तर: शिवाजी के जीवन पर उनकी माता जीजाबाई के संस्कारों और शिक्षा का गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने शिवाजी को साहसी, धर्मनिष्ठ और देशभक्त बनाया।
प्रश्न 4: शिवाजी का ‘स्वराज्य’ से क्या आशय था?
उत्तर: स्वराज्य का अर्थ था ऐसा स्वतंत्र राज्य जहाँ जनता की सुरक्षा हो, न्याय मिले और विदेशी शासन का नियंत्रण न हो।
प्रश्न 5: शिवाजी ने मराठा शक्ति को कैसे संगठित किया?
उत्तर: शिवाजी ने मराठों को एकत्रित किया, किलों पर अधिकार किया, सेना को मजबूत बनाया और गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर मराठा शक्ति को संगठित किया।
प्रश्न 6: गुरिल्ला युद्ध क्या होता है?
उत्तर: गुरिल्ला युद्ध ऐसी युद्ध पद्धति है जिसमें छोटी सेना अचानक हमला करके शत्रु को नुकसान पहुँचाती है और तुरंत सुरक्षित स्थान पर लौट जाती है।
प्रश्न 7: अफजल खाँ कौन था?
उत्तर: अफजल खाँ बीजापुर का सेनापति था जिसे शिवाजी को हराने के लिए भेजा गया था। शिवाजी ने प्रतापगढ़ में उसे पराजित किया।
प्रश्न 8: शिवाजी ने नौसेना की स्थापना क्यों की?
उत्तर: शिवाजी ने समुद्री तटों की रक्षा करने और विदेशी शक्तियों को रोकने के लिए नौसेना की स्थापना की।
प्रश्न 9: शिवाजी का राज्याभिषेक कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: शिवाजी का राज्याभिषेक 1674 ई. में रायगढ़ किले में हुआ था।
प्रश्न 10: शिवाजी की प्रशासन व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
- केंद्रीकृत प्रशासन
- योग्य अधिकारियों की नियुक्ति
- जनता की सुरक्षा
- सैनिकों को वेतन
- अष्टप्रधान परिषद की व्यवस्था
प्रश्न 11: अष्टप्रधान परिषद क्या थी?
उत्तर: अष्टप्रधान परिषद शिवाजी के आठ मंत्रियों की परिषद थी जो प्रशासन के अलग-अलग कार्यों में सहायता करती थी।
प्रश्न 12: मराठा सेना के मुख्य भाग कौन-कौन से थे?
उत्तर:
- पैदल सेना
- घुड़सवार सेना
- नौसेना
प्रश्न 13: चौथ और सरदेशमुखी क्या थे?
उत्तर: चौथ एक प्रकार का कर था जो मराठे दूसरे राज्यों से लेते थे। सरदेशमुखी चौथ के अतिरिक्त लिया जाने वाला 10 प्रतिशत कर था।
प्रश्न 14: संभाजी कौन थे?
उत्तर: संभाजी शिवाजी महाराज के बड़े पुत्र थे। शिवाजी की मृत्यु के बाद वे मराठा साम्राज्य के शासक बने।
प्रश्न 15: ताराबाई का मराठा साम्राज्य में क्या योगदान था?
उत्तर: ताराबाई ने कठिन समय में मराठा साम्राज्य का नेतृत्व किया और मुगलों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।
प्रश्न 16: पेशवा कौन होते थे?
उत्तर: पेशवा मराठा साम्राज्य के प्रधान मंत्री होते थे। बाद में वे बहुत शक्तिशाली बन गए।
प्रश्न 17: बाजीराव प्रथम का क्या योगदान था?
उत्तर: बाजीराव प्रथम ने मराठा साम्राज्य का विस्तार उत्तर भारत तक किया और मराठा शक्ति को मजबूत बनाया।
प्रश्न 18: पानीपत का तृतीय युद्ध कब हुआ?
उत्तर: पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई. में मराठों और अफगानों के बीच हुआ था।
प्रश्न 19: मराठा साम्राज्य का पतन क्यों हुआ?
उत्तर: मराठा साम्राज्य के पतन के मुख्य कारण थे—
- आंतरिक कलह
- क्षेत्रीय सरदारों की स्वायत्तता
- अंग्रेजों की बेहतर संगठन शक्ति और तकनीक
प्रश्न 20: मराठों का भारतीय इतिहास में क्या महत्व है?
उत्तर: मराठों ने मुगल सत्ता को चुनौती दी, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया और स्वराज्य की भावना को मजबूत किया। उन्होंने आगे चलकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को भी प्रेरणा दी।
प्रश्न 21: अहिल्याबाई होलकर कौन थीं?
उत्तर: अहिल्याबाई होलकर मराठा शासिका थीं जिन्होंने जनता के कल्याण के लिए मंदिर, घाट, सड़कें और कुएँ बनवाए।
प्रश्न 22: कान्होजी आंग्रे कौन थे?
उत्तर: कान्होजी आंग्रे मराठा नौसेना के महान सेनानायक थे जिन्होंने यूरोपीय शक्तियों को समुद्र में चुनौती दी।
प्रश्न 23: शिवाजी की मुद्रा की विशेषता क्या थी?
उत्तर: शिवाजी की मुद्रा पर संस्कृत भाषा और देवनागरी लिपि का प्रयोग किया गया था, जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक था।
प्रश्न 24: मराठों ने भारतीय संस्कृति में क्या योगदान दिया?
उत्तर: मराठों ने मराठी भाषा, कला, साहित्य, मंदिरों और भारतीय परंपराओं को संरक्षण दिया तथा सांस्कृतिक पुनर्जागरण को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 25: मराठा दुर्ग इतने महत्वपूर्ण क्यों थे?
उत्तर: मराठा दुर्ग सेना की सुरक्षा, शत्रुओं से रक्षा और युद्ध के समय रणनीतिक नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे।
NCERT आधारित प्रश्न:
प्रश्न 1. विश्लेषण करें कि किस प्रकार भूगोल (विशेषकर पर्वत और समुद्र तट) ने मराठा सैन्य रणनीति और राज्य-निर्माण को निर्धारित किया।
उत्तर: मराठों का क्षेत्र पर्वतीय और समुद्र तटीय था। पहाड़ों और किलों ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की। शिवाजी ने पर्वतीय दुर्गों का उपयोग करके गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाई, जिससे छोटी सेना भी बड़ी सेनाओं को हरा सकी। समुद्र तटों के कारण उन्होंने शक्तिशाली नौसेना बनाई और विदेशी शक्तियों को चुनौती दी। इस प्रकार भूगोल ने मराठा राज्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 2. कल्पना कीजिए कि आप विद्यार्थियों के लिए किसी मराठा नेता की संक्षिप्त जीवनी लिख रहे हैं। किसी एक व्यक्तित्व (कान्होजी आंग्रे, बाजीराव प्रथम, महादजी शिंदे, अहिल्याबाई होलकर या ताराबाई) का चयन कीजिए और उनकी प्रेरणादायक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए तीन-चार अनुच्छेद लिखिए। किसी एक चुनौती का वर्णन कीजिए जिस पर उन्होंने विजय प्राप्त की।
उत्तर: मैं अहिल्याबाई होलकर का चयन करूँगा। वे मराठा साम्राज्य की महान शासिका थीं। उन्होंने अपने राज्य का शासन बहुत बुद्धिमानी और न्याय के साथ चलाया। वे जनता की समस्याओं का ध्यान रखती थीं और लोगों के कल्याण के लिए अनेक कार्य करती थीं।
अहिल्याबाई ने पूरे भारत में मंदिर, घाट, सड़कें और कुएँ बनवाए। उन्होंने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। वे धर्मपरायण और दयालु महिला थीं।
उनके जीवन में सबसे बड़ी चुनौती उनके पति और पुत्र की मृत्यु थी। इतनी कठिन परिस्थिति के बाद भी उन्होंने साहस नहीं छोड़ा और सफलतापूर्वक शासन किया। इसी कारण वे आज भी एक आदर्श शासिका मानी जाती हैं।
अहिल्याबाई ने पूरे भारत में मंदिर, घाट, सड़कें और कुएँ बनवाए। उन्होंने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। वे धर्मपरायण और दयालु महिला थीं।
उनके जीवन में सबसे बड़ी चुनौती उनके पति और पुत्र की मृत्यु थी। इतनी कठिन परिस्थिति के बाद भी उन्होंने साहस नहीं छोड़ा और सफलतापूर्वक शासन किया। इसी कारण वे आज भी एक आदर्श शासिका मानी जाती हैं।
प्रश्न 3. यदि आपको आज किसी एक मराठा दुर्ग (जैसे—रायगढ़, सिंधुदुर्ग, जिंजी या प्रतापगढ़) को देखने का अवसर मिले तो आप किसे चुनेंगे और क्यों? उसके इतिहास, वास्तुकला और सामरिक महत्व का अध्ययन कीजिए। कक्षा में अपने निष्कर्षों को डिजिटल या पोस्टर रूप में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: मैं रायगढ़ दुर्ग को देखना चाहूँगा क्योंकि यह शिवाजी महाराज की राजधानी था। इसी दुर्ग में उनका राज्याभिषेक हुआ था।
रायगढ़ दुर्ग ऊँचे पर्वत पर स्थित है, जिससे दुश्मनों के लिए उस पर हमला करना कठिन था। इसकी मजबूत दीवारें और सुरक्षा व्यवस्था बहुत प्रभावशाली थीं।
सामरिक दृष्टि से यह दुर्ग मराठा शक्ति का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से शिवाजी अपने राज्य का संचालन करते थे। यह दुर्ग मराठा इतिहास और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
रायगढ़ दुर्ग ऊँचे पर्वत पर स्थित है, जिससे दुश्मनों के लिए उस पर हमला करना कठिन था। इसकी मजबूत दीवारें और सुरक्षा व्यवस्था बहुत प्रभावशाली थीं।
सामरिक दृष्टि से यह दुर्ग मराठा शक्ति का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से शिवाजी अपने राज्य का संचालन करते थे। यह दुर्ग मराठा इतिहास और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
प्रश्न 4. अध्याय में लिखा है कि अंग्रेजों ने भारत को मुगलों या किसी भी अन्य शक्ति से अधिक मराठों से छीना। आपके विचार में इसका क्या अर्थ है? अध्याय में दिए गए कौन-से प्रमाण इस विचार का समर्थन करते हैं?
उत्तर: इसका अर्थ है कि अंग्रेजों को भारत पर अधिकार करने के लिए सबसे अधिक संघर्ष मराठों से करना पड़ा। मराठा साम्राज्य उस समय भारत की सबसे शक्तिशाली भारतीय शक्ति था।
अध्याय में बताया गया है कि मराठों का नियंत्रण भारत के बड़े भाग पर था। अंग्रेजों और मराठों के बीच तीन बड़े आंग्ल-मराठा युद्ध हुए। मराठों ने लंबे समय तक अंग्रेजों का विरोध किया। इससे स्पष्ट होता है कि अंग्रेजों को भारत मराठों से अधिक प्राप्त हुआ।
अध्याय में बताया गया है कि मराठों का नियंत्रण भारत के बड़े भाग पर था। अंग्रेजों और मराठों के बीच तीन बड़े आंग्ल-मराठा युद्ध हुए। मराठों ने लंबे समय तक अंग्रेजों का विरोध किया। इससे स्पष्ट होता है कि अंग्रेजों को भारत मराठों से अधिक प्राप्त हुआ।
प्रश्न 5. तुलना कीजिए कि शिवाजी और उत्तरवर्ती मराठों ने धार्मिक स्थलों और विभिन्न धर्म के लोगों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया। इस अध्याय में कौन-सा प्रमाण धार्मिक विविधता के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है?
उत्तर: शिवाजी सभी धर्मों का सम्मान करते थे। उन्होंने युद्ध के समय धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाने से बचने का प्रयास किया। उन्होंने मंदिरों की रक्षा की और अन्य धर्मों के लोगों के साथ भी अच्छा व्यवहार किया।
मराठों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा दिया। अध्याय में बताया गया है कि शिवाजी ने सूरत पर आक्रमण करते समय धार्मिक स्थलों को नुकसान नहीं पहुँचाया। इससे उनके धार्मिक सहिष्णुता के विचार का पता चलता है।
मराठों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा दिया। अध्याय में बताया गया है कि शिवाजी ने सूरत पर आक्रमण करते समय धार्मिक स्थलों को नुकसान नहीं पहुँचाया। इससे उनके धार्मिक सहिष्णुता के विचार का पता चलता है।
प्रश्न 6. इस अध्याय में वर्णित है कि मराठों के लिए दुर्ग ‘राज्य की आधारशिला’ थे। वे इतने महत्वपूर्ण क्यों थे? उन्होंने मराठों को शक्तिशाली शत्रुओं के विरुद्ध खड़े रहने में किस प्रकार सहायता की?
उत्तर: दुर्ग मराठा राज्य की सुरक्षा का मुख्य आधार थे। ये पर्वतों और कठिन स्थानों पर बने होते थे, जिससे दुश्मनों के लिए उन पर कब्जा करना कठिन था।
मराठों ने गुरिल्ला युद्ध के दौरान दुर्गों का उपयोग सुरक्षित स्थान के रूप में किया। दुर्गों के कारण मराठे लंबे समय तक मुगलों जैसी शक्तिशाली सेनाओं का सामना कर सके।
मराठों ने गुरिल्ला युद्ध के दौरान दुर्गों का उपयोग सुरक्षित स्थान के रूप में किया। दुर्गों के कारण मराठे लंबे समय तक मुगलों जैसी शक्तिशाली सेनाओं का सामना कर सके।
प्रश्न 7. आपको मराठा सिक्कों का मुख्य अभिकल्पक (डिजाइनर) नियुक्त किया गया है। एक ऐसे सिक्के का रूपांकन कीजिए, जो मराठा उपलब्धियों और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करे। अपने द्वारा चुने गए प्रतीकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: मैं ऐसे सिक्के का डिजाइन बनाऊँगा जिसमें सामने की ओर शिवाजी महाराज का चित्र और पीछे की ओर एक दुर्ग तथा भगवा ध्वज हो।
दुर्ग मराठों की शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक होगा। भगवा ध्वज साहस और स्वराज्य का प्रतीक होगा। सिक्के पर देवनागरी लिपि का प्रयोग भारतीय संस्कृति और मराठी पहचान को दर्शाएगा।
दुर्ग मराठों की शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक होगा। भगवा ध्वज साहस और स्वराज्य का प्रतीक होगा। सिक्के पर देवनागरी लिपि का प्रयोग भारतीय संस्कृति और मराठी पहचान को दर्शाएगा।
प्रश्न 8. मराठा काल की इस भूमिका अध्ययन करने के पश्चात आपके विचार में भारतीय इतिहास में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या था? अध्याय से उदाहरण लेकर अपने विचार का समर्थन करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए। अपने विचारों को सहपाठियों के साथ साझा कर उन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर: मेरे विचार में मराठों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान स्वराज्य और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करना था। उन्होंने मुगल सत्ता को चुनौती दी और भारतीयों को यह विश्वास दिलाया कि वे स्वयं शासन कर सकते हैं।
शिवाजी महाराज ने मजबूत प्रशासन, नौसेना और सेना का निर्माण किया। मराठों ने भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं को भी बढ़ावा दिया। उनका संघर्ष आगे चलकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरणा बना।
शिवाजी महाराज ने मजबूत प्रशासन, नौसेना और सेना का निर्माण किया। मराठों ने भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं को भी बढ़ावा दिया। उनका संघर्ष आगे चलकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरणा बना।
आइए पता लगाएँ (Let's Explore)
प्रश्न : भक्ति आंदोलन का क्या महत्व था?
उत्तर: भक्ति आंदोलन ने लोगों को ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति का संदेश दिया। इससे समाज में समानता और एकता की भावना बढ़ी। संतों ने लोकभाषाओं में भजन और कविताएँ लिखकर अपने विचार जनता तक पहुँचाए।
प्रश्न : महाराष्ट्र के प्रमुख भक्ति संत कौन-कौन थे?
उत्तर: महाराष्ट्र के प्रमुख भक्ति संत ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम और रामदास थे।
प्रश्न : संतों ने समाज को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर: संतों ने लोगों को भक्ति, नैतिकता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने धार्मिक ज्ञान को सरल भाषा में समझाया जिससे आम लोग भी उसे समझ सके।
प्रश्न : शिवाजी ने गुरिल्ला युद्ध नीति क्यों अपनाई?
उत्तर: शिवाजी ने बड़ी और शक्तिशाली सेनाओं का मुकाबला करने के लिए गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाई। पहाड़ी क्षेत्रों का ज्ञान होने के कारण यह नीति सफल रही।
प्रश्न : शिवाजी की आगरा से मुक्ति की घटना क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर: शिवाजी ने आगरा में नजरबंदी से बचने के लिए स्वयं और संभाजी को मिठाई की टोकरियों में छिपाकर बाहर निकलने की योजना बनाई। उनकी यह बुद्धिमानी बहुत प्रसिद्ध हुई।
प्रश्न : शिवाजी के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: शिवाजी के जीवन से साहस, देशभक्ति, संगठन शक्ति और स्वराज्य के लिए संघर्ष की प्रेरणा मिलती है।
प्रश्न : भरतनाट्यम नृत्य शैली का मराठों से क्या संबंध था?
उत्तर: तंजावुर के मराठा शासकों ने भरतनाट्यम नृत्य शैली को संरक्षण दिया। उनके समय में इस नृत्य शैली का विकास हुआ।
आइए विचार करें (Think About it)
प्रश्न : शिवाजी अपनी प्रजा के प्रति कैसे व्यवहार करते थे?
उत्तर: शिवाजी अपनी प्रजा के प्रति दयालु और संवेदनशील थे। वे अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने का आदेश देते थे।
प्रश्न : शिवाजी ने पेड़ों को न काटने की सलाह क्यों दी?
उत्तर: शिवाजी का मानना था कि पेड़ लोगों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। उन्हें बढ़ने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए बिना आवश्यकता के उन्हें नहीं काटना चाहिए।
प्रश्न : शिवाजी के पत्र से उनके कौन-कौन से मूल्य प्रकट होते हैं?
उत्तर: शिवाजी के पत्र से उनकी दयालुता, पर्यावरण संरक्षण, जनता के प्रति संवेदनशीलता और न्यायप्रियता का पता चलता है।
प्रश्न : शिवाजी अपने सैनिकों और उनके परिवारों का ध्यान कैसे रखते थे?
उत्तर: शिवाजी युद्ध में शहीद सैनिकों के परिवारों को पेंशन देते थे और उनके पुत्रों को सेना में पद भी देते थे।
इसे अनदेखा न करें (Don't Miss Out)
प्रश्न : वाघ-नख क्या था?
उत्तर: वाघ-नख एक छोटा हथियार था जो बाघ के पंजे जैसा दिखाई देता था। शिवाजी ने इसका उपयोग अफजल खाँ को मारने के लिए किया था।
प्रश्न : शिवाजी ने दास व्यापार का विरोध क्यों किया?
उत्तर: शिवाजी मानवता और न्याय में विश्वास करते थे। इसलिए उन्होंने यूरोपीय व्यापारियों द्वारा किए जा रहे दास व्यापार का विरोध किया।
प्रश्न : नाना फड़णवीस कौन थे?
उत्तर: नाना फड़णवीस मराठा साम्राज्य के शक्तिशाली अधिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध विभिन्न भारतीय शक्तियों को एकजुट करने का प्रयास किया।
प्रश्न : मराठा सिक्कों की क्या विशेषता थी?
उत्तर: मराठा सिक्कों पर देवनागरी और फारसी दोनों लिपियों का प्रयोग किया जाता था। इनमें भारतीय संस्कृति और मराठा पहचान दिखाई देती थी।
प्रश्न : मराठों के लिए दुर्ग क्यों महत्वपूर्ण थे?
उत्तर: दुर्ग मराठा राज्य की सुरक्षा और सैन्य शक्ति का आधार थे। युद्ध के समय ये सैनिकों को सुरक्षित रखते थे और दुश्मनों से रक्षा करते थे।
प्रश्न : कान्होजी आंग्रे को यूरोपीय लोग ‘समुद्री डाकू’ क्यों कहते थे?
उत्तर: कान्होजी आंग्रे मराठा नौसेना के शक्तिशाली सेनानायक थे। वे यूरोपीय जहाजों को चुनौती देते थे, इसलिए यूरोपीय लोग उन्हें ‘समुद्री डाकू’ कहते थे।
प्रश्न : मराठों की न्याय व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर: मराठों की न्याय व्यवस्था अच्छी और व्यवस्थित थी। पंचायतें न्याय देने का कार्य करती थीं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाल नियुक्त किए जाते थे।
प्रश्न : मोडी लिपि क्या थी?
उत्तर: मोडी लिपि देवनागरी का एक रूप थी जिसका उपयोग मराठों द्वारा प्रशासन और पत्राचार में किया जाता था।
प्रश्न : तंजावुर के मराठा शासकों का सांस्कृतिक योगदान क्या था?
उत्तर: तंजावुर के मराठा शासकों ने संगीत, नृत्य, साहित्य और चित्रकला को बढ़ावा दिया। उनके संरक्षण में भरतनाट्यम और कर्नाटक संगीत का विकास हुआ।
प्रश्न : सरफोजी द्वितीय का क्या योगदान था?
उत्तर: सरफोजी द्वितीय ने शिक्षा, चिकित्सा और कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने मुद्रणालय स्थापित किया और चिकित्सा केंद्र भी बनवाया।
प्रश्न : अहिल्याबाई होलकर का सबसे महत्वपूर्ण कार्य क्या था?
उत्तर: अहिल्याबाई होलकर ने पूरे भारत में मंदिरों, घाटों, कुओं और सड़कों का निर्माण कराया तथा काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया।
प्रश्न : ताराबाई का मराठा साम्राज्य में क्या योगदान था?
उत्तर: ताराबाई ने कठिन समय में मराठा साम्राज्य का नेतृत्व किया और मुगलों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा। उन्होंने मराठा शक्ति को मजबूत बनाए रखा।
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