Class 6 sst Chapter 01 Question Answer New NCERT - पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति



Chapter 01: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति (Locating Places on the Earth)


प्रश्न: मानचित्र क्या है और इसका उपयोग कैसे होता है?

उत्तर: मानचित्र एक प्रतीकात्मक चित्र होता है जो किसी स्थान की स्थिति, दिशा और दूरी को दर्शाता है। इसकी मदद से हम किसी जगह को खोज सकते हैं और वहाँ तक पहुँचने का रास्ता जान सकते हैं।


प्रश्न: मानचित्र के मुख्य घटक कौन-कौन से हैं?

उत्तर: मानचित्र के तीन मुख्य घटक हैं:  

1. दूरी: स्केल की सहायता से वास्तविक दूरी को मानचित्र पर दर्शाया जाता है।  

2. दिशा: उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम जैसे दिशा बिंदुओं का उपयोग किया जाता है।  

3. प्रतीक चिह्न: भवनों, नदियों, सड़कों आदि को दर्शाने के लिए प्रतीकों का प्रयोग होता है।


प्रश्न: पैमाना (स्केल) से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: पैमाना (Scale) से हम यह समझते हैं कि मानचित्र पर दिखाई गई दूरी वास्तव में कितनी है।

उदाहरण: अगर स्केल है 1 सेमी = 1 किलोमीटर, तो इसका मतलब है कि मानचित्र पर 1 सेमी की दूरी, असल में 1 किलोमीटर होती है।


प्रश्न: अक्षांश और देशांतर क्या होते हैं?

उत्तर: अक्षांश वे रेखाएं होती हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर जाती हैं और पृथ्वी को उत्तर और दक्षिण गोलार्ध में बाँटती हैं।

देशांतर वे रेखाएं होती हैं जो उत्तर से दक्षिण जाती हैं और पृथ्वी को पूर्व और पश्चिम गोलार्ध में बाँटती हैं।

इन रेखाओं की मदद से हम पृथ्वी पर किसी भी स्थान का सटीक पता लगा सकते हैं।


प्रश्न: निर्देशांक क्या हैं? अक्षांश-देशांतर द्वारा निर्देशांक का उपयोग कैसे होता है?

उत्तर: मानचित्र पर किसी स्थान की स्थिति के निर्धारण के लिए निर्देशांक प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। अक्षांश और देशांतर मिलकर एक स्थान के दो निर्देशांक होते हैं। इनके द्वारा पृथ्वी पर किसी स्थान का पता लगाया जा सकता है।


प्रश्न: स्थानीय समय और मानक समय में अंतर बताइए।

उत्तर: स्थानीय समय: किसी विशिष्ट स्थान का सूर्य की स्थिति के आधार पर निर्धारित समय।  

मानक समय: किसी देश या क्षेत्र द्वारा अपनाया गया एक समान समय, जो एक खास देशांतर रेखा पर आधारित होता है।  

उदाहरण: भारत 82.5° पूर्व देशांतर को मानक समय (IST) मानता है। इससे पूरे देश में एक ही समय चलता है।


प्रश्न: भारतीय मानक समय (IST) क्या है?

उत्तर: भारतीय मानक समय (IST) ग्रीनिच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। यह 82.5° पूर्व देशांतर पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर से गुजरता है। इसका उपयोग पूरे भारत में एक समान समय रखने के लिए किया जाता है।


प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा क्या है?

उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा लगभग 180° देशांतर पर स्थित है। जब कोई इस रेखा को पार करता है, तो तिथि में एक दिन का परिवर्तन होता है:  

  • पूरब से पश्चिम की ओर पार करने पर 1 दिन कम (मान लीजिए, सोमवार से रविवार) हो जाता है।  

  • पश्चिम से पूरब की ओर पार करने पर आगे वाला दिन (रविवार से सोमवार) गिना जाता है।   


प्रश्न: उज्जयिनी याम्योत्तर का क्या महत्व था?

उत्तर: प्राचीन भारत में उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) से गुजरने वाली याम्योत्तर को "मध्य रेखा" कहा जाता था। यह खगोलीय गणनाओं का प्रमुख केंद्र था और वराहमिहिर जैसे खगोलविदों ने यहाँ कार्य किया। यह भारतीय खगोल विज्ञान में अक्षांश-देशांतर की अवधारणा का आधार था।


प्रश्न: समय क्षेत्र (Time Zone) क्यों आवश्यक हैं? 

उत्तर: पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इस कारण विभिन्न देशांतरों पर सूर्य का समय अलग-अलग होता है। समय क्षेत्र इस अंतर को व्यवस्थित करते हैं:  

  • प्रत्येक 15° देशांतर पर 1 घंटे का अंतर होता है। 

  • बड़े देश जैसे; संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 समय क्षेत्र तो रूस में 11 समय क्षेत्र (मानक समय) को अपनाया गया है।  


प्रश्न: ग्लोब और मानचित्र में क्या अंतर है?

उत्तर:

ग्लोब

मानचित्र

1. पृथ्वी का गोलाकार प्रतिनिधित्व।

1. पृथ्वी का समतल प्रतिनिधित्व।

2. आकार और दूरी यथार्थ होती है।

2. आकार और दूरी में विरूपण (distortion) हो सकता है।

3. घूमकर दिन-रात दिखा सकता है।

3. स्थिर होता है।


NCERT पाठ्यपुस्तक और अभ्यास के प्रश्न:


प्रश्न: नर्मदा नदी के मुहाने से गंगा नदी के मुहाने तक की वास्तविक दूरी की गणना कीजिए (पैमाना: 2.5 से.मी. = 500 कि.मी.)।

उत्तर:

  • मानचित्र पर दूरी मापें (मान लीजिए 5 से.मी.)।  

  • पैमाना: 2.5 से.मी. = 500 कि.मी. → 1 से.मी. = 200 कि.मी.  

  • वास्तविक दूरी = 5 से.मी. × 200 कि.मी./से.मी. = 1000 कि.मी.


प्रश्न: असम (जोरहाट) और पोरबंदर (गुजरात) में सूरज डूबने का समय अलग क्यों है?

उत्तर: क्योंकि दोनों शहरों के देशांतर अलग हैं (लगभग 30° का फर्क), इसलिए सूरज का समय भी बदलता है। हर 15° देशांतर पर एक घंटे का अंतर होता है। इसलिए पोरबंदर में सूरज देरी से डूबता है।


प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर सही (✓) या गलत (✗) का चिह्न लगाइए:

1. अक्षांशों के सभी समानांतरों की लंबाई समान होती है। 

  - ✗ (गलत)। 

कारण: भूमध्य रेखा सबसे बड़ा समानांतर है, ध्रुवों की ओर लंबाई घटती है।  


2. देशांतर के एक याम्योत्तर की लंबाई भूमध्य रेखा की आधी होती है।

   - ✗ (गलत)। 

कारण: सभी याम्योत्तरों की लंबाई समान होती है (उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक)।  


3. दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° द. है।

   - ✓ (सही)। 

कारण: उत्तरी ध्रुव 90° उ. और दक्षिण ध्रुव 90° द. पर स्थित है।  


4. असम में स्थानीय समय और आई.एस.टी. (भारतीय मानक समय) एक ही है।

   - ✗ (गलत)। 

कारण: असम का स्थानीय समय आई.एस.टी. से लगभग 1 घंटा आगे होता है क्योंकि यह पूर्वी देशांतर पर स्थित है।  

5. समय क्षेत्र को पथक करने वाली रेखाएँ देशांतर (Longitude) के याम्योत्तर (Meridian) के समान होती हैं।

 - ✓ (सही)।

कारण: क्योंकि पृथ्वी 360° देशांतरों में विभाजित है और वह 24 घंटे में एक पूरा चक्कर लगाती है। इसलिए, हर 15° देशांतर पर 1 घंटे का समय अंतर होता है।


6. भूमध्य रेखा एक अक्षांश वृत्त (Latitude circle) भी है।

 - ✓ (सही)।

कारण: भूमध्य रेखा (Equator) अक्षांश का 0° वाला वृत्त है। यह पृथ्वी को उत्तर और दक्षिण गोलार्द्धों में बराबर बाँटती है।


प्रश्न: दिल्ली और बेंगलूरु के अक्षांश क्रमशः 29°उ० और 13°उ० हैं और उनका देशांतर लगभग 77°पू० एक ही है। दोनों नगरों के बीच स्थानीय समय में कितना अंतर होगा?

उत्तर: दिल्ली और बेंगलूरु का देशांतर लगभग एक ही है (77° पू.), इसलिए दोनों जगहों का स्थानीय समय समान होगा। क्योंकि समय का निर्धारण देशांतर रेखाओं से किया जाता है अक्षांश रेखाओं से नहीं।  


प्रश्न: जब लंदन में दोपहर 12 बजे का समय होता है, तो भारत में सायं के 5:30 बजते हैं, क्यों?

उत्तर:

  • लंदन ग्रीनिच मीन टाइम (GMT, 0° देशांतर) पर स्थित है। 

  • भारतीय मानक समय (IST) 82.5° पूर्व देशांतर पर आधारित है।  

  • देशांतर अंतर = 82.5°  

  • समय अंतर = 82.5° × 4 मिनट = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट।  

इसलिए, जब लंदन में 12:00 बजे होते हैं, भारत में 12:00 + 5:30 = 5:30 PM होता है।  


प्रश्न: मानचित्र में प्रतीक चिह्नों और रंगों की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:

  • प्रतीक चिह्न: भवनों, नदियों, सड़कों आदि को सरलता से दर्शाने के लिए (जैसे नीली रेखा = नदी)।  

  • रंग: विभिन्न भू-आकृतियों को अलग करने के लिए (जैसे हरा = मैदान, नीला = जलाशय)।  


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