UPTET CDP Previous Year Practice Series Questions 2019 – पार्ट 02



बाल विकास एवं शिक्षण विधियां


UPTET Previous Year 

Practice Set 02




  1. निम्नलिखित में से किस सिद्धांत को पुनर्बलन (Reinforcement) का सिद्धांत भी कहते है?

    1. शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning)

    2. उद्दीपक अनुक्रिया सिद्धांत (Stimulus Response)

    3. सूझ का सिद्धांत (Insightful Learning)

    4. क्रिया प्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning)


  • उत्तर– क्रिया प्रसूत अनुबन्धन सिद्धांत (पुनर्बलन के द्वारा किसी अनुक्रिया के बार-बार दोहराने की संभावना बढ़ जाती है।)

  • स्किनर ― क्रिया प्रसूत अनुबन्धन सिद्धांत (Operant Conditioning) – चूहा पर प्रयोग

  • पावलव – शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning) – कुत्ता पर प्रयोग

  • थार्नडाइक ― उद्दीपक अनुक्रिया सिद्धांत (Stimulus Response) – बिल्ली पर प्रयोग

  • कोहलर ― सूझ का सिद्धांत (Insightful Learning) – वनमानुष पर प्रयोग



  1. संविधान के किस संशोधन से शिक्षा एक मौलिक अधिकार बन गई है? 

    1. 86वें संशोधन 

    2. 25वें संशोधन 

    3. 52वें संशोधन 

    4. 22वें संशोधन


  • उत्तर– 86वें संशोधन (86वां संविधान संशोधन, 2002 के द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करना मौलिक अधिकार बना दिया गया।)




  1. "विकास कभी न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है।" यह कथन विकास के किस सिद्धांत से संबंधित है? 

    1. अंतःक्रिया का सिद्धांत (Principle of Interaction)

    2. एकीकरण का सिद्धांत (Principle of Integration)

    3. अंतःसंबंध का सिद्धांत (Principle of Interrelation)

    4. निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity)


  • उत्तर– निरन्तरता का सिद्धांत (विकास कभी न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है। विकास का प्रारंभ गर्भावस्था से होता है और यह मृत्यु तक चलती रहती है।)



  1. समस्या समाधान का प्रथम चरण है―

    1. आँकड़ा संग्रहण

    2. समस्या की पहचान

    3. परिकल्पना का परीक्षण

    4. परिकल्पना का निर्माण


  • उत्तर– समस्या की पहचान (समस्या की पहचान आँकड़े एकत्रित करना संभावित परिकल्पनाओं का निर्माण संभावित परिकल्पनाओं का मूल्यांकन संभावित परिकल्पनाओं का परीक्षण निष्कर्षों का निर्माण समाधान का प्रयोग।)



  1. अभिप्रेरणा (Motivation) के मूल प्रवृत्ति सिद्धांत के प्रतिपादक थे―

    1. मैकडूगल

    2. अब्राहम मैस्लो

    3. सिम्पसन

    4. विलियम जेम्स


  • उत्तर– मैकडूगल (मैकडूगल ने 14 प्रकार की मूल प्रवृत्तियों (Instincts) की बात की है। इस नियम के अनुसार, "मनुष्य का व्यवहार उसकी मूल प्रवृत्तियों पर आधारित होता है, इन मूल प्रवृत्तियों के पीछे छिपे संवेग किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करते हैं।")




  1. निम्न में से कौन सी अवस्था ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत का अंग नहीं है?

    1. अन्तःप्रज्ञ अवस्था (Intuition State)

    2. प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic State)

    3. संकेतात्मक अवस्था (Symbolic State)

    4. क्रियात्मक अवस्था (Enactive State)


  • उत्तर– अन्तःप्रज्ञ अवस्था 

  • जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के तीन अंग हैं―

  • क्रियात्मक अवस्था (Enactive state) (0–3 वर्ष)― इस अवस्था में बच्चा भौतिक क्रियाएं करके सीखता है।

  • प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic state) (3–7 वर्ष)― इस अवस्था में बच्चा चित्रों को देखकर के सीखता है।

  • संकेतात्मक अवस्था (Symbolic State) (8 वर्ष के बाद)― इस अवस्था में बच्चे शब्दों और संकेतों से सीखते हैं।



  1. बालकों का अधिगम सर्वाधिक प्रभावशाली होगा, जब― 

    1. पढ़ने-लिखने एवं गणितीय कुशलताओं पर ही बल होगा

    2. बालकों का संज्ञानात्मक भावात्मक और मनोचालक पक्षों का विकास होगा 

    3. शिक्षण व्यवस्था एकाधिकारवादी होगी 

    4. शिक्षक अधिगम प्रक्रिया में आगे होकर बालकों को निष्क्रिय रखेगा


  • उत्तर– बालकों का संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोचालक पक्षों का विकास होगा 




  1. निम्न में से कौन सा अधिगम का वक्र नहीं है?

    1. नतोदर

    2. मिश्रित

    3. लम्बवत

    4. उन्नतोदर (उत्तल)


  • उत्तर– लम्बवत 

  • अधिगम वक्र निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:

  • सरल रेखीय वक्र― यह वक्र तब बनता है जब सीखने की प्रक्रिया बिना रुके लगातार तीव्र गति से बढ़ता जाए। यह वक्र सामान्य रूप से बहुत कम देखने को मिलता है।


  • नतोदर वक्र― यह वक्र तब बनता है जब प्रारंभ में सीखने की गति धीमी हो और बाद में तीव्र हो जाए।


  • उन्नतोदर वक्र― यह वक्र तब बनता है जब सीखने की गति शुरू में तीव्र हो लेकिन धीरे-धीरे कम हो जाये।


  • मिश्रित (सीढ़ीदार) वक्र― यह वक्र तब बनता है जब सीखने की गति अनियमित रूप से कभी तीव्र कभी मंद होती रहती है।



  1. विकास की किस अवस्था को कोल तथा ब्रूस ने "संवेगात्मक विकास का अनोखा काल" कहा है? 

    1. शैशवावस्था 

    2. बाल्यावस्था 

    3. प्रौढ़ावस्था 

    4. किशोरावस्था


  • उत्तर– बाल्यावस्था ( कोल और ब्रूस ने बाल्यावस्था को संवेगात्मक विकास का अनोखा काल कहा है।)



  1. "व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम है।" यह किसने कहा है? 

    1. वुडवर्थ

    2. गिलफोर्ड

    3. स्किनर 

    4. क्रो एंड क्रो


  • उत्तर– गिलफोर्ड 




  1. निम्नलिखित में से कौन सा संज्ञानात्मक क्षेत्र से सम्बंधित नहीं है?

    1. अनुमूल्यन

    2. अनुप्रयोग

    3. बोध

    4. ज्ञान


  • उत्तर– अनुमूल्यन (संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं में जानना, सोचना, याद रखना, अनुप्रयोग और समस्या-समाधान शामिल हैं।)



  1. स्मृति स्तर एवं बोध स्तर के शिक्षण प्रतिमान की संरचना में कौन सा सोपान उभयनिष्ठ है?

    1. सामान्यीकरण

    2. अन्वेषण

    3. प्रस्तुतीकरण

    4. तैयारी


  • उत्तर– प्रस्तुतीकरण 

  • शिक्षण प्रतिमान के मुख्य रूप से तीन स्तर माने गए हैं― 

  • स्मृति स्तर (Memory level) (हरबर्ट)

    • सोपान― प्रस्तावना, प्रस्तुतीकरण, स्पष्टीकरण तथा तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग

  • अवबोध स्तर (Understanding level) (मॉरिसन)

    • सोपान– अन्वेषण या खोज, प्रस्तुतीकरण, आत्मीकरण, वर्णन अथवा अभिव्यक्तिकरण

  • चिंतन स्तर (Reflective level) (हण्ट)

    • यह शिक्षण का उच्चतम स्तर है। यह स्मृति और अवबोध स्तर पर निर्भर करता है।

    • सृजनात्मकता का विकास, समस्याओं का समाधान, अनुसंधान


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