CTET SST PYQ Pedagogy Practice Set 01

 


  1. 'मस्जिद' के विषय पर ऐतिहासिक कल्पना जागृत करने के लिए सबसे प्रभावी विधि होगी–

    1. मस्जिद के ऊपर एक किवदंती सुनाना।

    2. किसी विशेषज्ञ को निमंत्रित करना।

    3. किसी स्थानीय मस्जिद की यात्रा आयोजित करना।

    4. एक डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाना।


  • उत्तर– C (प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त ज्ञान सुगम ढंग से मिलता है और कभी न भूलने वाला होता है। जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक और सहयोग की भावना का विकास होगा।)


  1. मानचित्र, सिक्के एवं समयरेखा ________ शिक्षण के लिए सबसे अधिक उपयुक्त हैं।

  1. अर्थशास्त्र 

  2. राजनीतिक और सामाजिक जीवन 

  3. इतिहास 

  4. समाजशास्त्र


  • उत्तर– C (मानचित्र, सिक्के एवं समयरेखा इतिहास शिक्षण के लिए सबसे अधिक उपयुक्त हैं।

  • इतिहास की घटनायें किसी एक विशेष काल में मानव व्यवहार के उदाहरणों को व्यक्त करती है। अतः इनका अध्ययन वर्तमान समय में हमारे व्यवहार को आवश्यक मार्गदर्शन देने में सहायक होगा।)


  1. सामाजिक विज्ञान के शिक्षण में 'समुदाय' एक महत्वपूर्ण संसाधन हैं क्योंकिः-

  1. यह सस्ता और सुलभ है।

  2. वृद्ध लोग बुद्धिमान होते हैं और उनके पास समय है।

  3. समुदाय के ज्ञान को बिना आलोचना के स्वीकार किया जा सकता है।

  4. यह वास्तविक परिस्थिति में सीखने का अवसर प्रदान करता है।


  • उत्तर– D (समाज विज्ञान के शिक्षण में 'समुदाय' एक महत्वपूर्ण संसाधन हैं क्योंकि समुदाय वास्तविक परिस्थिति में सीखने का अवसर प्रदान करता है। 

  • समुदाय बालक की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण सक्रिय तथा अनौपचारिक साधन है।)



  1. कथन (A): बच्चों को 'सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन' काल्पनिक वृतांतों अथवा 'केस स्टडी' या उन अभ्यासों के आधार पर पढ़ाया जाए जो बच्चों के अपने अनुभवों से जुड़े हों।

कथन (B): बच्चे ठोस अनुभवों के माध्यम से सीखते हैं।

  1. (A) सही है किन्तु (B) गलत है।

  2. (A) गलत है किन्तु (B) सही है।

  3. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) है।

  4. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) नहीं है।


  • उत्तर– C (अनुभव से सीखना यानी खुद करके सीखना है। यह किसी और को करते हुए देखकर या किसी को सुनकर या किताब पढ़कर सीखने से बिल्कुल अलग हैं। इस तरह अनुभव से हासिल समझ, सीखने वाले में आत्मविश्वास पैदा करती है। यह आत्मविश्वास किताबी ज्ञान से नहीं मिलता है।)


  1. कथन (A) : इतिहास मिथ्या है।

कथन (B) : इतिहास स्त्रोतों की व्याख्या पर आधारित है।

  1. (A) सही है किन्तु (B) गलत है।

  2. (A) गलत है किन्तु (B) सही है।

  3. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) है।

  4. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) नहीं है।


  • उत्तर– B (इतिहास मिथ्या नही है। इतिहास स्रोतों की व्याख्या पर आधारित होता है। भारत में इतिहास के स्रोत हैः ऋग्वेद और अन्य वेद जैसे यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, पुराण, स्मृति ग्रंथ आदि।)


  1. कथन (A): समाज विज्ञान के पाठ्यक्रम के दायरे के विस्तृत होने की संभावना बनी रहती है।

कथन (B) : बच्चे बाहरी दुनिया के तमाम अनुभवों को कक्षा में लेकर आते हैं।

  1. (A) सही है किन्तु (B) गलत है।

  2. (A) गलत है किन्तु (B) सही है।

  3. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) है।

  4. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) नहीं है।


  • उत्तर– C (सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम के दायरे की विस्तृत होने की संभावना बनी रहती है क्योंकि इसमें सभी पक्ष आते है जिसके द्वारा विद्यालय, कक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल के मैदान आदि के क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों द्वारा छात्र अनुभव प्राप्त करते है और बच्चे बाहरी दुनिया के तमाम अनुभवों को कक्षा में लेकर आते है।)



  1. सामाजिक विज्ञान में शैक्षणिक प्रक्रियाएँ एक ऐसी ज्ञानमीमांसा पर जोर देती हैं, जहाँ पाठ्यपुस्तकः

    1. मुद्दों को समझने का एक विशेष रास्ता होती हैं।

    2. एक 'बंद बक्से' की तरह विकसित होती है।

    3. अतीत की 'मुख्यधारा' का लेखा जोखा होती है।

    4. एक परिवर्तनात्मक दस्तावेज़ के रूप में बनती हैं।

  1. केवल A तथा C

  2. केवल A तथा D

  3. केवल B तथा C

  4. केवल B, C और D


  • उत्तर– B (ज्ञानमीमांसा के अंतर्गत तीन समस्याओं का अध्ययन किया जाता है ज्ञान की उत्पत्ति, ज्ञान का स्वरूप और ज्ञान की प्रमाणिकता।)


  1. 'स्त्रोत' थीम पर चर्चा करते समय एक सामाजिक विज्ञान का शिक्षक अधिगमकर्ताओं की सहभागिता को कैसे बढ़ा सकता है?

  1. अधिगमकर्ताओं के जीवन से जुड़ाव से बचना।

  2. स्रोतों पर और अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित करना।

  3. अपने स्वयं की व्याख्या बनाने को हतोत्साहित करना।

  4. प्रश्न पूछना और सूचना के कोष में अभिवृद्धि करना।

  1. (A) और (B)

  2. (B) और (C)

  3. (B) और (D)

  4. (C) और (D)


  • उत्तर–


  1. कक्षा में न ध्यान देने वाले विद्यार्थियों के प्रति सामाजिक विज्ञान के शिक्षक किस तरह का व्यवहार करेंगे?

    1. उन्हें और अधिक तिथि और तथ्यों को याद करने के लिए कहेंगे और उन्हें व्यस्त रखेंगे।

    2. उनसे बातचीत करेंगे तथा उनकी अरुचि के कारण जानने का प्रयास करेंगे।

    3. उन्हें चर्चा में आए विषयों के इर्द-गिर्द अपने अनुभवों को साक्षा करने को प्रोत्साहित करेंगे।

    4. उन्हें बहुत कठिन कार्यपत्र तथा गृहकार्य देंगे।

  1. केवल a तथा b 

  2. केवल a, c तथा d 

  3. केवल a तथा d 

  4. केवल b तथा c 


  • उत्तर– D (कक्षा में न ध्यान देने वाले विद्यार्थियों के प्रति सामाजिक विज्ञान के शिक्षक का व्यवहार– 

  • उनसे बातचीत करेंगे तथा उनकी अरूचि के कारण जानने का प्रयास करेगे, 

  • उन्हे चर्चा में आये विषयों के इर्द-गिर्द अपने अनुभवों को साझा करने को प्रोत्साहित करेगे।)



  1. एक सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की भूमिका होनी चाहिए–

  1. उच्च संज्ञानात्मक क्षमताओं वाले प्रश्नों के निर्माण करने के लिए सभी शिक्षार्थियों को प्रेरित करना।

  2. शिक्षार्थियों को सीखने के विभिन्न अनुभवों को प्रचुरता में प्रदान करना।

  3. शिक्षार्थियों को उत्पाद आधारित शिक्षण-अधिगम पर्यावरण प्रदान करना।

  4. सृजनात्मक विचारों को रटने के अभ्यास में शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन करना।


  • उत्तर– B (एक शिक्षक का कर्त्तव्य होता है कि वह शिक्षार्थियों को सिखाने के लिए उसके अनुभवों को भी प्राथमिकता दे क्योंकि जब हम बालक के अनुभवों को प्रचुरता प्रदान करेगे तो शिक्षार्थियों को लगेगा कि उनके सोच विचार को सम्मान दिया जा रहा है। वे जो भी कर रहे है अच्छा कर रहे है जिससे शिक्षार्थी और अच्छे ढंग से अधिगम कार्य करेगा।)


  1. कथन (A): एक सामाजिक विज्ञान के शिक्षक को उच्च प्राथमिक कक्षाओं में विवादास्पद मुद्दों को पढ़ाने से बचना चाहिए।

कथन (B) : विवाद उत्पन्न होते हैं क्योंकि इतिहास में 'स्त्रोत' अपने आप बोलते नहीं।

  1. (A) सही है किन्तु (B) गलत है।

  2. (A) गलत है किन्तु (B) सही है।

  3. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) है।

  4. (A) एवं (B) दोनों सही हैं तथा (A) का सही व्याख्यान (B) नहीं है।


  • उत्तर– B (विवादास्पद मुद्दों पर बालकों से तर्क करना चाहिए तभी शिक्षक को पता चलेगा कि बालक को समझने में कहाँ समस्या हो रही है।

  • इतिहास के स्रोत को किसी ने देखा नही है। वह सभी जगह सिर्फ अनुमानों के आधार पर लिख दिया गया है कि कब, क्या, कैसे हुआ है। इसलिए इतिहास के स्रोत विवाद उत्पन्न करते है।)


  1. समय और स्थान की समझ को विकसित करने के लिए किसका उपयोग करना होगा?

    1. केवल मानचित्र

    2. केवल समयरेखाएँ

    3. मानचित्र एवं समयरेखाएँ

    4. ग्लोब तथा मानचित्र


  • उत्तर– C (समय और स्थान की समझ को विकसित करने के लिए मानचित्र एवं समय रेखाओं का उपयोग करना चाहिए।)



  1. कथन A: 'हिन्दुस्तान' शब्द का प्रयोग मिन्हाज-ए-सिराज ने किया था जिसमें उत्तर भारत के भागों का समावेश था किन्तु उत्तर-पूर्व भारत का समावेश नहीं था।

कथन B: किसी भी शब्द का प्रयोग करने में इतिहास के शिक्षणशास्त्रियों को बहुत सावधान रहना चाहिए क्योंकि अतीत में उन शब्दों के कुछ अलग ही अर्थ थे।

  1. A सही है किन्तु B गलत है।

  2. A गलत है किन्तु B सही है।

  3. A और B दोनों सही है तथा A का सही व्याख्यान B है।

  4. A और B दोनों सही है तथा A का सही व्याख्यान B नहीं है।


  • उत्तर– C (फारसी इतिहासकार मिन्हाज-ए-सिराज जब 13वीं शताब्दी में हिन्दुस्तान आया तो उसने हिन्दुस्तान शब्द का प्रयोग उस क्षेत्र के लिए किया, जिसमें उत्तर भारत के भागों पंजाब, हरियाणा और गंगा जमुना के बीच में स्थित क्षेत्रों का समावेश था।)


  1. आप भोपाल में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक हैं। पूर्व-इतिहास काल के लोगों से विद्यार्थियों को परिचित कराने के लिए सर्वोत्तम शिक्षणशास्त्रीय विधि कौन-सी होगी?

    1. भीमबेटका का भ्रमण

    2. मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग से प्रकाशित एक पुस्तक से पठन एवं चर्चा।

    3. व्याख्यान के लिए दिल्ली से एक विशेषज्ञ को आमंत्रित करना।

    4. एक अभिलेखागार का भ्रमण।


  • उत्तर– A (भीमबेटका का भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है। यह आदि मानव द्वारा बनाये गए शैलचित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है।)


  1. भारत के विभाजन को समझने के लिए कौन- से शैक्षणिक सहायक सामाग्रियाँ उपयोग में लाई जा सकती हैं?

  1. पंजाब से पाए गए काले एवं लाल रंग के मृदभांड

  2. कथानक 

  3. छवियां

  4. आहत सिक्के

  1. केवल A तथा B

  2. केवल A तथा D

  3. केवल B तथा C

  4. केवल B तथा D


  • उत्तर– C (भारत के विभाजन को समझाने के लिए कथानक और छवियाँ शैक्षणिक सहायक सामग्रियाँ उपयोग में लाई जा सकती हैं। वर्तमान समय में किसी ने भारत का विभाजन नही देखा है इसलिए लोगो को कथा या व्याख्या के माध्यम से, छवियाँ या चित्र दिखाकर बताया जाता है कि कब क्या-क्या और कैसे-कैसे भारत का विभाजन हुआ।)



  1. एक सामाजिक विज्ञान शिक्षक/शिक्षिका का निम्नलिखित में से कौन-सा लक्ष्य होना चाहिए?

    1. हमारे अतीत पर दृष्टिकोण (पर्सपेक्टिव) का निर्माण करना।

    2. तिथियों को सटीक रूप से कंठस्थ करना।

    3. हमारे अतीत को गौरवशाली बनाना।

    4. समुदायों के बीच केवल विरोधों/द्वंद्वों को इंगित करना।

  1. केवल A 

  2. केवल B 

  3. केवल A तथा B 

  4. केवल A, C तथा D 


  • उत्तर– A (एक सामाजिक विज्ञान शिक्षक/शिक्षिका का हमारे अतीत पर दृष्टिकोण (पर्सपेक्टिव) का निर्माण करने का लक्ष्य होना चाहिए।)

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