CTET Paper 2 Social Science | Geography | हमारा देश भारत
भारत : महत्वपूर्ण तथ्य –
भारत उत्तर में हिमालय के ऊँचे शिखरों से घिरा है। पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी तथा दक्षिण में हिंद महासागर भारतीय प्रायद्वीप के तटों पर लहराते हैं।
प्रायद्वीप, स्थल का वह भाग है जो तीन तरफ से जल से घिरा होता है।
भारत का क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी. है।
उत्तर में लद्दाख से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक इसका विस्तार लगभग 3,200 किमी. है।
पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ तक इसका विस्तार लगभग 2,900 किमी. तक है।
भारत की स्थिति :
भारत उत्तरी गोलार्ध में स्थित है।
कर्क रेखा ( 23°30' उ. ) देश के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है।
दक्षिण से उत्तर की ओर भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उ. तथा 37°6' उ. अक्षांशों के बीच है।
पश्चिम से लेकर पूर्व तक भारत का विस्तार 68°7' पू. तथा 97°25' पू. देशांतरों के बीच है।
बहुत बड़े देशांतरीय विस्तार लगभग 29° के कारण यहाँ के दो छोर पर स्थित स्थानों के स्थानीय समय में दो घंटे का अंतर हो सकता था।
इस समस्या को समाप्त करने के लिए 82°30' पू. देशांतर के स्थानीय समय को भारत का मानक समय माना गया है। इस याम्योत्तर को भारत का मानक याम्योत्तर भी कहा जाता है।
पश्चिम में गुजरात की अपेक्षा पूर्व के अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय लगभग दो घंटे पहले होता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में 7 एवं कनाडा में 6 मानक समय हैं।
भारत के पड़ोसी देश :
सात देशों की स्थलीय सीमाएँ भारत की सीमाओं से जुड़ी है — पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश।
दक्षिण में समुद्र में स्थित दो द्वीप श्रीलंका तथा मालदीव हमारे पड़ोसी हैं।
पाक जलसंधि भारत को श्रीलंका से अलग करती है।
राजनीतिक और प्रशासनिक विभाजन :
भारत देश को 28 राज्यों एवं 8 केंद्रशासित प्रदेशों में बाँटा गया है।
राज्यों का निर्माण मुख्यतः भाषाओं के आधार पर हुआ है।
दिल्ली भारत की राजधानी है।
पंजाब और हरियाणा की एक राजधानी चंडीगढ़ है।
भारत का भौतिक विभाजन :
भारत में पाई जाने वाली भौतिक आकृतियाँ विभिन्न प्रकार की हैं; जैसे- पर्वत, मैदान, मरुस्थल, पठार, तट तथा द्वीपसमूह।
पर्वत– उत्तर में हिमालय पर्वत को तीन मुख्य समानांतर श्रृंखलाओं में बाँटा जाता है।
सबसे उत्तर में स्थित श्रृंखला को वृहत हिमालय या हिमाद्रि कहते हैं। इसी श्रृंखला में विश्व की सबसे ऊँची शिखर माउंट एवरेस्ट है।
मध्य हिमालय या हिमाचल, हिमाद्रि के दक्षिण में स्थित है। बहुत से लोकप्रिय पहाड़ी स्थान यहाँ स्थित हैं।
शिवालिक सबसे दक्षिण में स्थित श्रृंखला है।
मैदान– हिमालय के दक्षिण में भारत का उत्तरी मैदान स्थित हैं। ये मैदान समतल तथा सपाट हैं।
ये मैदान सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा इनकी सहायक नदियों के द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से बने हैं।
नदियों के ये मैदान कृषि के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करते हैं। यही कारण है कि इन मैदानों में जनसंख्या अधिक है।
जलोढ़ निक्षेप : ये नदियों के द्वारा लाई गई बहुत महीन मिट्टी होती है तथा नदी बेसिन में निक्षेपित कर दी जाती है।
सहायक नदी : एक नदी या सरिता जो कि मुख्य नदी में किसी भी तरफ से आकर मिलती है तथा अपने जल को मुख्य नदी में विसर्जित करती है।
मरुस्थल– भारत के पश्चिमी भाग में भारतीय महामरुस्थल स्थित है। यह शुष्क, गर्म तथा रेतीला स्थल है। यहाँ वनस्पति की मात्रा बहुत कम है।
पठार– उत्तरी मैदानों के दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार स्थित है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार है।
इसका धरातल काफी ऊँचा-नीचा है। इस क्षेत्र में बहुत-सी पहाड़ी श्रृंखलाएँ तथा घाटियाँ स्थित हैं।
इसके उत्तर-पश्चिम में अरावली श्रृंखला स्थित है, जो विश्व की सबसे पुरानी श्रृंखला है।
विंध्य एवं सतपुड़ा भी महत्त्वपूर्ण श्रृंखलाएँ हैं। इन श्रृंखलाओं से होकर नर्मदा तथा तापी नदियाँ बहती हैं। ये पश्चिम की तरफ बहने वाली नदियाँ हैं, जो अरब सागर में गिरती हैं।
इस पठार के पश्चिम में पश्चिमी घाट या सह्याद्रि तथा पूर्व में पूर्वी घाट स्थित है।
पश्चिमी घाट का विस्तार एकसमान रूप में है, जबकि पूर्वी घाट बीच-बीच में टूटा हुआ तथा असमान है।
इन पठारों में खनिजों; जैसे- कोयला एवं लौह अयस्क की प्रचुरता है।
तटीय मैदान– पश्चिमी घाट के पश्चिम में तथा पूर्वी घाट के पूर्व में तटीय मैदान स्थित हैं।
पश्चिम तटीय मैदान काफी सँकरे हैं। पूर्वी तटीय मैदान अपेक्षाकृत चौड़े हैं।
पूर्वी तटीय मैदान में पूर्व की ओर बहने वाली कई नदियाँ हैं – महानदी, गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
ये नदियाँ अपने मुहाने पर उपजाऊ डेल्टा का निर्माण करती हैं। बंगाल की खाड़ी में गंगा एवं ब्रह्मपुत्र नदियों के मुहाने पर सुंदरबन डेल्टा स्थित है।
द्वीप समूह – भारत में दो द्वीपसमूह भी हैं – लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह।
लक्षद्वीप द्वीपसमूह अरब सागर में स्थित हैं। ये केरल के तट से कुछ दूर स्थित प्रवाल द्वीप हैं।
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह भारत से दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी में स्थित हैं। यह द्वीपसमूह वर्ष 2004 में सुनामी से प्रभावित हुआ था।
सुनामी एक विशाल सागरीय तरंग है जो समुद्र तल पर भूकंप के कारण उत्पन्न होती है।
डेल्टा :
डेल्टा स्थल का वह भाग है जो नदी के मुहाने पर बनता है।
जहाँ नदियाँ समुद्र में प्रवेश करती हैं उस जगह को नदी का मुहाना कहा जाता है।
गंगा एवं ब्रह्मपुत्र नदियाँ विश्व के सबसे बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं, जिसे सुन्दरबन डेल्टा कहा जाता है। इस डेल्टा की आकृति त्रिभुजाकार है।
प्रवाल :
प्रवाल छोटे समुद्री जंतुओं के कंकाल हैं जिसे पॉलिप कहा जाता है।
जब जीवित पॉलिप मरते हैं तब उनका कंकाल बच जाता है। अन्य पॉलिप की वृद्धि इन ठोस कंकालों के ऊपर होती है, जो बढ़ते-बढ़ते काफी ऊँचे होते जाते हैं तथा इस प्रकार प्रवाल द्वीपों का निर्माण करते हैं।
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