लोकतंत्र के परिणाम – Class 10 NCERT Civics Chapter 4 Notes & Question Answer
Ch.05 – लोकतंत्र के परिणाम (Outcomes of Democracy)
लोकतंत्र की विशेषताएं :
- नागरिकों के बीच समानता को बढ़ावा देता है।
- व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।
- निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार करता है।
- संघर्षों को हल करने के लिए एक विधि प्रदान करता है।
- गलतियों को सुधारने की अनुमति देता है।
लोकतंत्र से अपेक्षित परिणाम :
- सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव समय समय पर होने चाहिए ।
- चुने गए प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हों।
- प्रेस स्वतंत्र हो तथा वह जिम्मेवारी से अपनी भूमिका निभाएँ।
- जनता को मौलिक अधिकार प्राप्त हों।
- देश की एकता, अखण्डता वं संघवाद मजबूत हों।
लोकतंत्र के सामाजिक परिणाम :
- लोकतांत्रिक व्यवस्था सद्भावनापूर्ण जीवन उपलब्ध कराती है।
- इसमें सामाजिक टकरावों की संभावना कम रहती है।
- व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है।
- लोकतंत्र में समाज के कमजोर वगों को समानता का दर्जा देने पर बल दिया जाता है।
पारदर्शिता :
एक नागरिक जो यह जानना चाहता है कि क्या सही प्रक्रियाओं के माध्यम से निर्णय लिया गया था, यह पता लगा सकता है। उसके पास निर्णय लेने की प्रक्रिया की जांच करने का अधिकार और साधन है। इसे पारदर्शिता के रूप में जाना जाता है।
जवाबदेही :
एक जवाबदेह सरकार अपने नागरिकों के लिए जवाबदेह है। यह अपने नागरिकों की ओर से किए गए सभी निर्णयों के लिए जिम्मेदार है।
वैध सरकार :
वैध सरकार ऐसी सरकार है जिसके तहत सरकार के कानून और कार्रवाई लोगों और सरकार के कामकाज को पारदर्शी तरीके से प्रकट करते हैं।
लोकतंत्र किस प्रकार एक वैध सरकार को जन्म देता है?
- लोकतान्त्रिक सरकार एक जवाबदेह सरकार है।
- नागरिकों को निर्णय निर्माण प्रक्रिया की जाँच करने के अधिकार और साधन प्राप्त होते हैं।
- लोकतंत्र एक जिम्मेदार सरकार है। यह नागरिकों के विचारों और उम्मीदों का ध्यान रखती है।
- लोकतांत्रिक सरकार एक वैध सरकार है क्योंकि यह जनता द्वारा चुनी जाती है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था तानाशाही से बेहतर क्यों?
- लोकतंत्र में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव होते हैं।
- लोकतंत्र में नीति तथा निर्णयों पर खुली बहस होती है।
- लोकतंत्र में वैध सरकार होती है।
- लोकतंत्र में नागरिकों की स्थिति बेहतर होती है।
तानाशाही सरकार की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार की कमियाँ :
- तानाशाही की तुलना में लोकतंत्र में निर्णय लेने में कुछ अधिक समय लगता है क्योंकि तानाशाही में औपचारिकता नहीं होती।
- तानाशाही सरकार की तुलना में लोकतांत्रिक सरकार ज्यादा खर्चीली है क्योंकि यहाँ निश्चित अवधि के बाद चुनाव होते है।
- तानाशाही में उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार हो सकता है परंतु लोकतंत्र में हर स्तर पर भ्रष्टाचार हो सकता है।
- लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जबकि तानाशाही में ऐसा नहीं होता है।
Question – लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था किस प्रकार देश की आर्थिक संवृद्धि एवं विकास में सहायक है उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Answer –
(i) लोकतांत्रिक सरकारों से यह उम्मीद की जाती है कि यह मूलभूत जरूरतों को पूरा करें।
(ii) लोकतांत्रिक सरकारें जनकल्याण कार्यक्रमों के तहत समाज के सभी वर्गों तक संसाधनों को पहुंचाने का कार्य करती है।
(iii) जैसा कि वास्तविक लोकतंत्र में सभी लोगों के मत का मूल्य समान होता है इसलिए लोकतांत्रिक सरकारों से यह उम्मीद की जाती है कि वह समाज के सभी वर्गों के अनुरूप आर्थिक नीतियों का निर्माण करें।
(iv) खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन जैसे कार्यक्रम आर्थिक संवृद्धि को बढ़ाते है।
(v) लोकतांत्रिक सरकारें आर्थिक असमानता को कम करने की कोशिश करती है।
(vi) लोकतांत्रिक सरकारें आर्थिक संवृद्धि के लिए आवश्यक आधारभूत जरूरतों को पूरा करती है।
राजनीतिक समानता :
जाति, पंथ, धर्म, आर्थिक स्थिति में अंतर के बावजूद मतदान और चुनाव में लड़ने का समान अधिकार।
सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य :
हर देश सामाजिक विविधताओं से भरा हुआ है। इसलिए विभिन्न वर्गों के बीच टकराव होना स्वाभाविक है। लोकतंत्र ऐसे तरीकों का विकास करने में मदद करता है जिनसे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो सके।
लोकतंत्र में लोग विविधता का सम्मान करना और मतभेदों के समाधान निकालना सीख जाते हैं। अधिकतर लोकतांत्रिक देशों में सामाजिक विविधता में तालमेल बना रहता है। इसके कुछ अपवाद हो सकते हैं, जैसे: श्रीलंका।
नागरिकों की गरिमा और आजादी :
लोकतंत्र ने नागरिकों को गरिमा और आजादी प्रदान की है। भारत में कई सामाजिक वर्ग हैं जिन्होंने वर्षों तक उत्पीड़न झेला है। लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के फलस्वरूप इन वर्गों के लोग भी आज सामाजिक व्यवस्था में ऊपर उठ पाये हैं और अपने हक को प्राप्त किया है।
महिलाओं की समानता :
लोकतंत्र के कारण ही यह संभव हो पाया है कि महिलाएँ समान अधिकारों के लिये संघर्ष कर पाईं। आज अधिकांश लोकतांत्रिक देशों की महिलाओं को समाज में बराबर का दर्जा मिला हुआ है। तानशाह देशों में आज भी महिलाओं को समान अधिकार नहीं प्राप्त हैं।
जातिगत असमानता :
जातिगत असामनता भारत में जड़ जमाये बैठी है। लेकिन लोकतंत्र के कारण इसकी संख्या काफी कम है। आज पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के लोग भी हर पेशे में शामिल होने लगे हैं।
लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा को कैसे बनाये रखता है?
- लोकतंत्र सम्मान एवं स्वतंत्रता की भावना को जन्म देता है।
- लोकतंत्र में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार किया जाता है।
- लोकतंत्र ने महिलाओं को पुरूषों के समान दर्जा प्रदान किया है।
- लोकतंत्र में जाति आधारित असमानताओं एवं क्रूरताओं का कोई नैतिक एवं कानूनी आधार नहीं है।
शिकायतो का लोकतंत्र को सफल बनाने में सहयोग :
- बहुत समय से स्त्रियों को समान अधिकार, न्याय और स्वतंत्रता से वंचित रखा गया था। मगर लोकतंत्र ने सभी अधिकार सुनिश्चित कर दिये।
- समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान करना।
- उचित प्रतिनिधित्व देने से विभिन्न जातीय समूहों के बीच टकराव कम हुआ है।
- मतभेदों को दूर करने के लिए लोकतंत्र संवैधानिक तरीका उपलब्ध कराता है।
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