Class 9 NCERT Geography Chapter 4 Notes & Question Answer – जलवायु (Climate)
अध्याय 04 : जलवायु (Climate)
निम्नलिखित प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर दीजिए:
(i) किस स्थान पर विश्व में सबसे अधिक वर्षा होती है? – मासिनराम, मेघालय
(ii) ग्रीष्म ऋतु में उत्तरी मैदानों में बहने वाली गर्म पवन को क्या कहा जाता है? — लू
(iii) भारत में मानसून का आगमन कब होता है? — जून के प्रारंभ में
Question: जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?
Answer:
अक्षांश (Latitude)
ऊँचाई (Altitude)
वायुदाब और पवन तंत्र (Pressure and Wind System)
समुद्र से दूरी (Distance from the Sea)
महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents)
उच्चावच लक्षण (Relief Features)
Question: भारत में मानसूनी प्रकार की जलवायु क्यों है?
Answer: भारत में मानसूनी जलवायु है क्योंकि यहाँ की हवाओं की दिशा में मौसम के अनुसार (ग्रीष्म और शीत ऋतु में) पूर्ण रूप से परिवर्तन होता है। गर्मियों में हवाएँ समुद्र से स्थल की ओर चलकर भारी वर्षा लाती हैं और सर्दियों में स्थल से समुद्र की ओर चलकर शुष्क मौसम लाती हैं।
Question: भारत के किस भाग में दैनिक तापमान अधिक होता है और क्यों?
Answer: भारत के आंतरिक भागों, विशेषकर उत्तर-पश्चिमी भाग (राजस्थान के मरुस्थल) में दैनिक तापमान अधिक होता है। इसका कारण महाद्वीपीयता (Continentality) है, यानि समुद्र से दूर होने के कारण समुद्र का समकारी प्रभाव (Moderating Influence) नहीं पड़ता। इससे दिन में बहुत गर्मी और रात में ठंड पड़ती है।
Question: किन पवनों के कारण तमिलनाडु तट पर वर्षा होती है?
Answer: तमिलनाडु तट पर वर्षा मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून पवनों (North-East Monsoon Winds) के कारण होती है, जो शीत ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) में बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर तट से टकराती हैं और वर्षा करती हैं।
Question: मानसून को परिभाषित करें। मानसून में विराम से आप क्या समझते हैं?
Answer:
मानसून: वर्ष के दौरान हवाओं की दिशा में ऋतु के अनुसार परिवर्तन को मानसून कहते हैं, जो भारी वर्षा लाता है।
मानसून में विराम (Breaks in Monsoon): मानसून के मौसम में वर्षा कुछ दिनों तक लगातार होने के बाद कुछ दिनों या सप्ताह के लिए रुक जाती है। इन शुष्क अंतरालों को ही 'मानसून में विराम' कहते हैं। यह मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है।
Question: मानसून को एकता का बंधन क्यों समझा जाता है?
Answer: मानसून को एकता का बंधन इसलिए कहा जाता है क्योंकि पूरा देश, उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, हर साल मानसून के आगमन की प्रतीक्षा करता है। यह पवनें देश के अधिकांश भाग में कृषि के लिए आवश्यक जल लाती हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और जीवन शैली एक सूत्र में बँध जाती है।
Question: दक्षिण भारत में पश्चिम से पूर्व की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है?
Answer: दक्षिण भारत में पश्चिम से पूर्व की ओर वर्षा की मात्रा इसलिए घटती जाती है क्योंकि:
दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट पर भारी वर्षा कर देती है।
जैसे-जैसे यह नमी से भरी हवा पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती है, इसकी नमी की मात्रा कम होती जाती है।
पूर्वी तट पर स्थित क्षेत्र वृष्टि छाया (Rain Shadow) क्षेत्र में आ जाते हैं, जिससे वहाँ अपेक्षाकृत कम वर्षा होती है।
Question: उत्तर भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा क्यों घटती जाती है?
Answer: उत्तर भारत में पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा की मात्रा घटने के निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ती है।
यह शाखा पूर्वी तट और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे- असम, मेघालय) में भारी वर्षा करती है।
पूर्वी क्षेत्रों (जैसे- पश्चिम बंगाल, बिहार) में वर्षा होने के बाद हवाएँ शुष्क हो जाती हैं तथा उनमें नमी की मात्रा कम होती जाती है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान तक पहुँचते-पहुँचते मानसून कमजोर हो जाता है।
Question: भारतीय उपमहाद्वीप में वायु की दिशा में मौसमी परिवर्तन क्यों होता है?
Answer: यह परिवर्तन वायुदाब में मौसमी परिवर्तन के कारण होता है। गर्मियों में भारत के आंतरिक भागों में तीव्र गर्मी से निम्न दाब का क्षेत्र बनता है, जो समुद्र से नमी भरी हवाएँ (दक्षिण-पश्चिम मानसून) खींचता है। सर्दियों में स्थल पर उच्च दाब का क्षेत्र बनता है, जिससे हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर (उत्तर-पूर्वी मानसून) बहने लगती हैं।
Question: भारत में अधिकांश वर्षा कुछ ही महीनों में क्यों होती है?
Answer: भारत में वर्षा मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर निर्भर करती है, जिसकी अवधि सीमित (जून से सितंबर) है। इसलिए देश के अधिकांश भाग में वर्षा इन्हीं चार महीनों में केंद्रित होती है।
Question: तमिलनाडु तट पर शीत ऋतु में वर्षा क्यों होती है?
Answer: शीत ऋतु में, स्थल से समुद्र की ओर चलने वाली उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण कर लेती हैं। जब ये नमी से भरी हवाएँ तमिलनाडु के पूर्वी तट से टकराती हैं तो वहाँ वर्षा कर देती हैं।
Question: पूर्वी तट के डेल्टा वाले क्षेत्र में प्रायः चक्रवात क्यों आते हैं?
Answer: अक्टूबर-नवंबर में बंगाल की खाड़ी गर्म होती है, जो उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के निर्माण के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करती है। ये चक्रवात पश्चिम की ओर बढ़ते हुए भारत के पूर्वी तट (विशेषकर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के डेल्टाई क्षेत्रों) से टकराते हैं।
Question: उदाहरण सहित भारत की जलवायु दशाओं की क्षेत्रीय विभिन्नताओं को समझाइए।
Answer: भारत की जलवायु में स्पष्ट क्षेत्रीय विभिन्नताएँ देखने को मिलती हैं:
तापमान: ग्रीष्म ऋतु: राजस्थान (50°C) बनाम जम्मू-कश्मीर (20°C)
शीत ऋतु: जम्मू-कश्मीर का द्रास (-45°C) बनाम केरल (22°C)
दैनिक तापमान में अंतर: राजस्थान का मरुस्थल (35°C का अंतर) बनाम अंडमान द्वीप (लगभग समान)
वर्षा: मासिनराम, मेघालय (लगभग 1141 से.मी.) बनाम जैसलमेर, राजस्थान (20 से.मी. से कम)
Question: शीत ऋतु की दशा एवं उसकी विशेषताएँ बताइए।
Answer:
समय: उत्तर भारत में मध्य नवंबर से फरवरी तक।
तापमान: दक्षिण से उत्तर की ओर तापमान घटता जाता है। दिन सुहावने और गर्म होते हैं, जबकि रातें ठंडी होती हैं। उत्तरी मैदानों में पाला पड़ता है।
वर्षा: अधिकांश भाग में शुष्क मौसम रहता है। उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण तमिलनाडु तट पर वर्षा होती है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण उत्तरी भारत में हल्की वर्षा या हिमपात, जो रबी फसलों के लिए लाभदायक है।
पवन की दिशा: उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर (उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें)।
Question: भारत में होने वाली मानसूनी वर्षा एवं उसकी विशेषताएँ बताइए।
Answer:
ऋतु: जून से सितंबर तक।
विशेषताएँ:
अनिश्चितता (Uncertainty): मानसून के आगमन, वापसी और वर्षा की मात्रा में हर साल परिवर्तनशीलता।
असमान वितरण (Uneven Distribution): कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा जबकि अन्य में सूखा।
मानसून विराम (Break in Monsoon): वर्षा में लंबे शुष्क अंतराल होते हैं।
मानसून स्फोट (Burst of monsoon): अचानक और तीव्र गति से शुरू होना।
वर्षा की तीव्रता (Intensity): कुछ क्षेत्रों में थोड़े समय में ही भारी वर्षा हो जाती है।
देश को एक सूत्र में बाँधना (Unifying Bond): पूरे देश की कृषि और अर्थव्यवस्था इसी पर निर्भर करती है।
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